➤ हिमाचल में 84 और नई पंचायतों के गठन की प्रक्रिया शुरू
➤ तीन दिन में मांगे गए आपत्तियां-सुझाव, पहले बन चुकी हैं 39 पंचायतें
➤ आपत्ति न आने पर पंचायतों की संख्या बढ़कर होगी 3704
हिमाचल प्रदेश में पंचायत पुनर्गठन की प्रक्रिया ने रफ्तार पकड़ ली है। प्रदेश सरकार ने 84 और नई पंचायतों के गठन को लेकर अधिसूचना जारी कर दी है। इस संबंध में आम जनता से तीन दिन के भीतर आपत्तियां और सुझाव मांगे गए हैं। यदि निर्धारित अवधि में कोई ठोस आपत्ति सामने नहीं आती, तो प्रदेश में पंचायतों की कुल संख्या बढ़कर 3704 हो जाएगी। इससे पहले यह संख्या 3577 थी, जबकि हाल ही में 39 नई पंचायतों के गठन के बाद यह आंकड़ा 3616 तक पहुंच चुका है।
पंचायतीराज विभाग के अनुसार बढ़ती आबादी, भौगोलिक परिस्थितियों और प्रशासनिक सुविधा को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया गया है। कई पंचायतों की जनसंख्या 3000 से 5000 के बीच थी, जिससे दूरदराज के गांवों तक विकास योजनाओं का लाभ समय पर नहीं पहुंच पा रहा था। अब नई पंचायतों के गठन के बाद प्रति पंचायत जनसंख्या 1200 से 1500 के बीच सीमित करने की योजना है, ताकि प्रशासनिक कार्यों में तेजी लाई जा सके।

विभाग ने संबंधित जिलों के उपायुक्तों और विकास खंड अधिकारियों को प्रस्तावित पंचायतों की सीमाओं और नामों पर स्थानीय स्तर पर राय लेने के निर्देश जारी किए हैं। नई पंचायतों के गठन की प्रक्रिया जल्द पूरी करने की तैयारी है, क्योंकि 31 मई से पहले पंचायत चुनाव कराना अनिवार्य है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार चुनाव समयबद्ध तरीके से करवाए जाने हैं।
पंचायतीराज मंत्री अनिरुद्ध सिंह ने कहा है कि 84 नई पंचायतों को लेकर अधिसूचना जारी कर दी गई है और आपत्तियां व सुझाव आमंत्रित किए गए हैं। वहीं विभाग के संयुक्त निदेशक केवल शर्मा ने बताया कि प्रक्रिया औपचारिक रूप से शुरू हो चुकी है और पुनर्सीमांकन का कार्य तेजी से किया जा रहा है।
जिन 39 पंचायतों का गठन पहले किया गया है, उनके साथ प्रभावित अन्य पंचायतों में अंदरूनी पुनर्सीमांकन भी जारी है। वार्डों की संख्या, प्रति वार्ड जनसंख्या, सीमाएं और आरक्षण रोस्टर तय किया जा रहा है। प्रधान पद सामान्य, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति या महिला वर्ग के लिए आरक्षित होगा या नहीं, इसका खाका तैयार किया जा रहा है।
जिलेवार नई पंचायतों का प्रस्ताव
चंबा – 6
कांगड़ा – 20
शिमला – 11
ऊना – 6
सिरमौर – 8
सोलन – 12
हमीरपुर – 7
कुल्लू – 4
मंडी – 5
किन्नौर – 2
बिलासपुर – 2
लाहौल-स्पीति – 1
ग्रामीण क्षेत्रों में लंबे समय से नई पंचायतों की मांग उठती रही है। अब सरकार ने सीमित दायरे में व्यावहारिक निर्णय लेते हुए प्रक्रिया आगे बढ़ाई है। फिलहाल सबकी नजरें आरक्षण सूची और चुनाव कार्यक्रम की घोषणा पर टिकी हैं।



